अमेरिकी सेना को जल्द मिलेगा स्वायत्त मल्टी-डोमेन लॉन्चर: क्या भारत भी सीख सकता है इस तकनीक से?
अमेरिकी सेना अपने कॉमन ऑटोनॉमस मल्टी-डोमेन लॉन्चर (CAML) मीडियम प्लेटफॉर्म के लिए जल्द ही एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट देने की तैयारी में है, जो अगले 30 दिनों के भीतर पूरा हो सकता है। यह कदम सैन्य प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जहाँ स्वायत्त और बहुमुखी Missile Launcher प्रणालियों पर जोर दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान में विभिन्न मिसाइलों के लिए उपयोग किए जा रहे कई अलग-अलग लॉन्चरों को कम करके अधिकतम तीन प्रकारों तक सीमित करना है। भारत के रक्षा उद्योग और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण सबक हो सकता है, जहाँ आधुनिक और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का विकास प्राथमिकता है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी सेना अपने CAML मीडियम प्लेटफॉर्म के लिए आपूर्ति स्रोत के चयन की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और अगले महीने के भीतर इसका कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड होने की संभावना है। यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब सेना अपनी Missile Launching क्षमताओं को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने पर केंद्रित है। CAML कार्यक्रम के तहत मीडियम, लाइट और हैवी जैसे तीन अलग-अलग वैरिएंट विकसित किए जाएंगे। फिलहाल, मीडियम वैरिएंट पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके बाद 2027 में ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी में CAML लाइट और 2028-2029 तक CAML हैवी पहल शुरू की जाएगी।
कंपनी, सरकार या सेना ने क्या कहा?
Lt. Gen. Frank Lozano, जो Fires के लिए प्रोग्राम एक्विजिशन एक्जीक्यूटिव हैं, ने वाशिंगटन डीसी में Association of the U.S. Army के वार्षिक सम्मेलन में एक पैनल चर्चा के दौरान इस प्रगति की पुष्टि की। उन्होंने बताया, "हमने हाल ही में अपनी स्रोत चयन प्रक्रिया पूरी की है।"
Lozano ने एक हालिया मीडिया राउंडटेबल में समझाया कि सेना का लक्ष्य प्रत्येक मिसाइल के लिए अलग लॉन्चर रखने के बजाय, लॉन्चरों की संख्या को अधिकतम तीन तक कम करना है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती योजना एक हैवी वैरिएंट को भी साथ-साथ विकसित करने की थी, लेकिन उद्योग द्वारा प्रस्तुत प्लेटफॉर्म अपेक्षा से अधिक भारी पाए गए, जिससे 36,000 पाउंड (लगभग 16,330 किलोग्राम) सकल वाहन वजन वाले CAML मीडियम वैरिएंट को प्राथमिकता दी गई। एक्टिंग आर्मी चीफ Gen. Christopher LaNeve ने ऑस्ट्रेलिया के साथ CAML लाइट कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
यह Defence System, Project या Deal क्या है?
CAML (Common Autonomous Multi-Domain Launcher) एक स्वायत्त, वैकल्पिक रूप से चालक दल युक्त, अत्यधिक मोबाइल और हवाई-परिवहन योग्य मल्टी-डोमेन (आक्रामक और रक्षात्मक) फायरिंग लॉन्चर है। इसे मौजूदा अमेरिकी सेना के लॉन्चरों को बढ़ाने या बदलने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। CAML प्लेटफॉर्म में एक लॉन्चर प्लेटफॉर्म, ऑटोनॉमी किट वाला एक लीडर वाहन और एक स्वचालित रीसप्लाई वाहन या अंतर्निहित स्वायत्त रीसप्लाई क्षमता शामिल होगी। Georgia Tech Research Institute (GTRI) को CAML मीडियम के लिए Weapon Systems Integrator के रूप में चुना गया है और उन्हें $33.4 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह CAML के विकास में पहला महत्वपूर्ण कदम है, जिसके बाद आने वाले महीनों में स्वायत्त गतिशीलता प्लेटफॉर्म और कार्यक्रम के अन्य घटकों के लिए भी कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।
प्रमुख विशेषताएँ
CAML मीडियम प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
| विशेषताएँ | विवरण |
|---|---|
| प्रकार | Common Autonomous Multi-Domain Launcher (CAML) Medium |
| भूमिका | स्वचालित, वैकल्पिक रूप से चालक दल युक्त, अत्यधिक मोबाइल, हवाई-परिवहन योग्य, बहु-डोमेन (आक्रामक और रक्षात्मक) फायरिंग लॉन्चर |
| क्षमता | मौजूदा लॉन्चरों को बढ़ाना या बदलना, मिसाइल लॉन्चरों का मानकीकरण |
| वजन (GVWR) | 36,000 पाउंड (लगभग 16,330 किलोग्राम) |
| ले जाने योग्य मिसाइलें | Tomahawk, PAC-3 MSE Interceptors, भविष्य के कम लागत वाले Interceptors, Lockheed Martin MLRS परिवार के Munitions, Indirect Fire Protection Capability Interceptors |
| मुख्य घटक | लॉन्चर प्लेटफॉर्म, ऑटोनॉमी किट वाला लीडर वाहन, स्वचालित रीसप्लाई वाहन या अंतर्निहित स्वचालित रीसप्लाई क्षमता |
| मुख्य इंटीग्रेटर | Georgia Tech Research Institute (GTRI) |
| GTRI कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू | $33.4 मिलियन |
| लॉन्च से जुड़ी जानकारी | अप्रैल 2024 में यूमा प्रूविंग ग्राउंड में AML से ‘रिड्यूस्ड रेंज प्रैक्टिस रॉकेट’ का सफल लाइव फायर |
भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना को क्या फायदा होगा?
हालांकि CAML अमेरिकी सेना का कार्यक्रम है, लेकिन यह भारतीय रक्षा नियोजन के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना अपने आधुनिकीकरण प्रयासों में स्वायत्त प्रणालियों और मल्टी-डोमेन क्षमताओं को एकीकृत करने पर विचार कर सकती हैं। एक सामान्य लॉन्चर प्लेटफॉर्म अपनाने से लॉजिस्टिक जटिलता कम हो सकती है और विभिन्न Missile System के संचालन में लचीलापन बढ़ सकता है। यह तकनीक भारत को अपने रक्षा प्लेटफॉर्म को ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में विकसित करने और विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं के लिए एकीकृत समाधान बनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।
Make in India और Defence Industry पर असर
CAML जैसे उन्नत कार्यक्रमों से मिली सीख भारतीय रक्षा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। ‘Make in India’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत, भारत अपने स्वयं के स्वायत्त और मल्टी-डोमेन लॉन्चर सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर सकता है। DRDO, HAL, BEL, BDL और निजी रक्षा निर्माता ऐसे प्लेटफॉर्म पर शोध और विकास कर सकते हैं जो विभिन्न भारतीय मिसाइलों के साथ संगत हों। यह न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा प्रौद्योगिकी बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।
Production, Delivery या Deployment कब?
CAML कार्यक्रम के लिए विभिन्न चरणों की समय-सीमा इस प्रकार है:
- CAML मीडियम: इसका कॉन्ट्रैक्ट अगले 30 दिनों के भीतर दिए जाने की उम्मीद है।
- CAML लाइट: इस कार्यक्रम को 2027 में ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी में शुरू करने की योजना है। इसके लिए एक RFI (Request for Information) जारी किया जाएगा, जिसके बाद एक उद्योग दिवस आयोजित होगा। 2027 की वसंत ऋतु में प्रोटोटाइपिंग के लिए चयन किए जा सकते हैं, जिसके बाद जून/जुलाई में Talisman Sabre अभ्यास में संभावित लाइव फायर प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन के बाद डाउनसेलेक्टेड अवार्ड दिया जाएगा।
- CAML हैवी: इस पहल को लगभग 2028-2029 तक शुरू करने की योजना है। यह प्लेटफॉर्म Leviathan और Long-Range Hypersonic Weapon जैसे बड़े Missile System और Tomahawk मिसाइलों के स्टैक को संभालने में सक्षम होगा।
निष्कर्ष
अमेरिकी सेना का कॉमन ऑटोनॉमस मल्टी-डोमेन लॉन्चर (CAML) कार्यक्रम भविष्य की युद्ध-प्रणाली के लिए एक दूरगामी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जहाँ स्वायत्तता, गतिशीलता और बहुमुखी प्रतिभा महत्वपूर्ण होगी। CAML मीडियम के लिए कॉन्ट्रैक्ट का जल्द दिया जाना इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह प्रणाली विभिन्न प्रकार की मिसाइलों को एक ही प्लेटफॉर्म से लॉन्च करने की क्षमता प्रदान करके परिचालन दक्षता बढ़ाएगी और लॉजिस्टिक बोझ को कम करेगी। CAML लाइट और हैवी वैरिएंट के भविष्य के विकास के साथ, अमेरिकी सेना अपनी Missile Launching क्षमताओं को मानकीकृत और आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वैश्विक रक्षा परिदृश्य में ऐसे उन्नत स्वायत्त प्रणालियों का उदय भारत जैसे देशों के लिए भी अपनी रक्षा प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा और सीखने के अवसर प्रदान करता है।
महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
1. CAML Medium क्या है?
CAML Medium एक Common Autonomous Multi-Domain Launcher है जिसे अमेरिकी सेना द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह एक स्वायत्त, वैकल्पिक रूप से चालक दल युक्त, अत्यधिक मोबाइल और हवाई-परिवहन योग्य फायरिंग लॉन्चर है जो आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह की क्षमताओं के लिए विभिन्न मिसाइलों को लॉन्च कर सकता है।
2. CAML Medium के लिए कॉन्ट्रैक्ट कब मिलने की उम्मीद है?
अमेरिकी सेना ने CAML Medium के लिए स्रोत चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है और अगले 30 दिनों के भीतर कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड होने की उम्मीद है।
3. इस प्रोग्राम के लिए कौन सा संस्थान Weapon Systems Integrator है?
Georgia Tech Research Institute (GTRI) को CAML मीडियम के लिए Weapon Systems Integrator के रूप में चुना गया है।
4. CAML प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
CAML प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताओं में स्वायत्त संचालन, वैकल्पिक रूप से चालक दल का उपयोग, उच्च गतिशीलता, हवाई-परिवहन क्षमता, बहु-डोमेन (आक्रामक और रक्षात्मक) फायरिंग क्षमता और मौजूदा लॉन्चरों को बढ़ाने या बदलने की क्षमता शामिल है।
5. CAML मीडियम कौन सी मिसाइलें ले जा सकता है?
CAML मीडियम Tomahawk मिसाइलें, PAC-3 MSE Interceptors, भविष्य के कम लागत वाले Interceptors, Lockheed Martin MLRS परिवार के Munitions और Indirect Fire Protection Capability Interceptors को ले जाने में सक्षम होगा।
6. CAML Light प्रोग्राम कब शुरू होगा और इसमें कौन शामिल होगा?
CAML Light प्रोग्राम 2027 में ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी में शुरू करने की योजना है, जिसका उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया की कुछ क्षमताओं की आवश्यकताओं को पूरा करना भी है।
7. CAML Heavy वैरिएंट की क्या योजना है?
CAML Heavy वैरिएंट को लगभग 2028-2029 में लॉन्च करने की योजना है, और इसे Leviathan, Long-Range Hypersonic Weapon और Tomahawk मिसाइलों के ढेर जैसे बड़े Missile System को संभालने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा।
8. US Army ने CAML Medium को प्राथमिकता क्यों दी?
शुरुआती प्रोटोटाइप 60,000 पाउंड से अधिक भारी पाए गए थे, जो परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं थे। विभिन्न मिसाइलों और मुनिशन के मिश्रण के साथ बेहतर गतिशीलता और प्रयोज्यता के लिए 36,000 पाउंड सकल वाहन वजन वाले CAML मीडियम को प्राथमिकता दी गई।
9. CAML का अंतिम लक्ष्य क्या है?
CAML कार्यक्रम का अंतिम लक्ष्य वर्तमान में प्रत्येक मिसाइल के लिए मौजूद कई अद्वितीय लॉन्चरों की संख्या को कम करके अधिकतम तीन मानकीकृत लॉन्चर प्लेटफॉर्म तक लाना है, जिससे परिचालन दक्षता और लचीलापन बढ़े।
10. GTRI को CAML Medium के लिए कितना कॉन्ट्रैक्ट मिला है?
Georgia Tech Research Institute (GTRI) को CAML मीडियम के लिए Weapon Systems Integrator के रूप में $33.4 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।


