BAE Systems ने लॉन्च किया अपना Autonomous AMPV, February में पहले Demo की तैयारी।

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BAE Systems Rolls Out New Autonomous AMPV, Plans For Initial Demo In February
BAE Systems’ Autonomous AMPV at the 2026 AUSA annual conference in Washington, D.C. Photo: Matthew Beinart.

रक्षा क्षेत्र में ऑटोनोमस तकनीक का तेजी से विकास हो रहा है, और इसी कड़ी में BAE Systems ने अपने नए ऑटोनोमस आर्मर्ड मल्टी-पर्पस व्हीकल (AMPV) का पहली बार अनावरण किया है। कंपनी फरवरी में इस प्लेटफॉर्म के शुरुआती प्रदर्शन की योजना बना रही है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भविष्य के युद्धक्षेत्र में मानव रहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह विकास दर्शाता है कि कैसे आधुनिक सेनाएं सैनिकों की सुरक्षा बढ़ाने और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स को एकीकृत कर रही हैं। भारत सहित दुनिया भर की सेनाओं के लिए यह एक संकेत है कि उन्हें अपनी रक्षा क्षमताओं को उन्नत करने के लिए ऐसी तकनीकों में निवेश करना होगा। यह युद्ध की रणनीति और रसद दोनों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

क्या है पूरा मामला?

BAE Systems ने हाल ही में अपने ऑटोनोमस आर्मर्ड मल्टी-पर्पस व्हीकल (Autonomous AMPV) को पहली बार जनता के सामने पेश किया। यह प्लेटफॉर्म अमेरिकी सेना के पुराने M113 Armored Personnel Carriers का उन्नत प्रतिस्थापन है। कंपनी का लक्ष्य है कि फरवरी में इस ऑटोनोमस वाहन का प्रारंभिक प्रदर्शन किया जाए। इस परियोजना में BAE Systems ने ऑटोनोमी क्षमता के लिए Forterra और ड्राइव-बाय-वायर तकनीक के लिए RENK America के साथ साझेदारी की है। यह नया विकास मौजूदा AMPV बेड़े में भविष्य के अपग्रेड के रूप में ऑटोनोमस क्षमताओं को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कंपनी, सरकार या सेना ने क्या कहा?

BAE Systems के ग्राउंड मैन्यूवर फ्यूचर्स के उपाध्यक्ष बिल शीही ने Defense Daily को बताया कि ऑटोनॉमस AMPV पर काम तय समय पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी पूर्ण ऑटोनोमी तक नहीं पहुंची है, बल्कि सीखने की प्रक्रिया से गुजर रही है। शीही ने जोर दिया कि “ऑटोनोमी स्टैक” और “ड्राइव-बाय-वायर” तकनीक वाहन के अंदर पूरी तरह से विकसित है, और टीम यह समझ रही है कि यह कैसे काम करता है।

शीही के अनुसार, रक्षा सचिव और सेना के सचिव ने उद्योग को तेजी से समाधान लाने और आत्मनिर्भर निवेश करने की चुनौती दी थी, जो इस परियोजना के पीछे की प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न संघर्षों और यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में हो रहे घटनाक्रमों का अध्ययन करना और अमेरिकी सेना के लिए संभावित विकल्पों के रूप में इस वाहन को तैयार करना है। BAE Systems, Forterra और RENK America ने मिलकर इस परियोजना में लगभग $8 मिलियन का निवेश किया है।

यह Defence System, Project या Deal क्या है?

AMPV (Armored Multi-Purpose Vehicle) अमेरिकी सेना के पुराने M113 Armored Personnel Carriers को बदलने के लिए BAE Systems द्वारा विकसित एक बख्तरबंद वाहन है। BAE Systems को 2023 में AMPV के लिए Full-Rate Production Contract मिला था। यह वाहन विभिन्न पेलोड को एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें मॉर्टार, मानव रहित टर्रेट, और काउंटर-ड्रोन प्लेटफॉर्म शामिल हैं। ऑटोनोमस AMPV इसी प्लेटफॉर्म का एक विकसित संस्करण है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित ऑटोनोमी और ड्राइव-बाय-वायर नियंत्रण प्रणाली जोड़ी गई है। इसका उद्देश्य सैनिकों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रखते हुए रसद और परिचालन कार्यों को स्वायत्त रूप से संचालित करना है।

प्रमुख विशेषताएँ

BAE Systems का ऑटोनोमस AMPV कई महत्वपूर्ण क्षमताओं से लैस है, जो भविष्य के युद्ध के मैदान के लिए इसकी उपयोगिता को बढ़ाती हैं।

  • ऑटोनोमस नेविगेशन: वाहन में एक उन्नत ऑटोनोमी स्टैक लगा है जो उसे स्वायत्त रूप से नेविगेट करने की अनुमति देता है।
  • ड्राइव-बाय-वायर तकनीक: RENK America द्वारा विकसित यह तकनीक वाहन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से नियंत्रित करने में सक्षम बनाती है, जो मानव हस्तक्षेप के बिना संचालन के लिए आवश्यक है।
  • सहज नियंत्रण: Forterra के साथ साझेदारी में विकसित कॉन्सेप्ट के अनुसार, चालक दल एक टच स्क्रीन के माध्यम से आसानी से वेपॉइंट्स (रास्ते के बिंदु) को टैप करके वाहन को कमांड दे सकता है।
  • अनुकूली गतिशीलता: वाहन भारी ट्रैक वाले वाहनों की अनूठी गतिशीलता को समझने और लागू करने की प्रक्रिया में है, जैसे मोड़ने के लिए एक ट्रैक को पीछे की ओर घुमाना।
  • मॉड्यूलर अपग्रेड किट: BAE Systems इसे मौजूदा AMPV बेड़े के लिए एक संभावित अपग्रेड किट के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिससे कमांडर अपनी आवश्यकतानुसार कुछ वाहनों को स्वायत्त बना सकते हैं।

भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना को क्या फायदा होगा?

हालांकि यह ऑटोनोमस AMPV विशेष रूप से अमेरिकी सेना के लिए विकसित किया जा रहा है, इसमें निहित ऑटोनोमस तकनीक भारतीय सशस्त्र बलों के लिए महत्वपूर्ण सीख और प्रेरणा प्रदान करती है। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को भविष्य के युद्ध के मैदान में मानव रहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका को समझना होगा। ऑटोनोमस वाहन सैनिकों को खतरनाक क्षेत्रों से दूर रखकर उनकी सुरक्षा बढ़ा सकते हैं, लंबी दूरी की तैनाती के दौरान चालक दल को आराम करने का अवसर दे सकते हैं, और रसद आपूर्ति जैसे कार्यों को अधिक कुशलता से पूरा कर सकते हैं। यह भारत को अपने स्वदेशी ऑटोनोमस Defence System विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे हमारी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी में काफी वृद्धि होगी।

China और Pakistan पर Strategic Impact

ऑटोनोमस मिलिट्री व्हीकल्स का विकास भविष्य के युद्ध के मैदान में एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह तकनीक चीन और पाकिस्तान जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर एक रणनीतिक प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि यह उन्हें अपने Defence Manufacturing में ऑटोनोमी को अपनाने के लिए मजबूर करेगी। यदि भारतीय सेना भी ऐसे स्वदेशी ऑटोनोमस प्लेटफॉर्म विकसित करती है, तो यह सीमावर्ती क्षेत्रों में रसद आपूर्ति, निगरानी और यहां तक कि लड़ाकू अभियानों को बिना मानवीय जोखिम के संचालित करने की क्षमता प्रदान करेगी। यह हमारे सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशनल दक्षता में वृद्धि करेगा, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

Make in India और Defence Industry पर असर

BAE Systems द्वारा ऑटोनोमस AMPV का अनावरण ‘Make in India’ और भारत के Defence Industry के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह दर्शाता है कि भविष्य ऑटोनोमस प्रणालियों का है। भारत को अपने Atmanirbhar Bharat अभियान के तहत AI, रोबोटिक्स और ऑटोनोमस वाहन प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास को तेजी से बढ़ावा देना चाहिए। DRDO, HAL, BEL, BDL और निजी Defence Manufacturing कंपनियों को इस क्षेत्र में निवेश करना होगा। स्वदेशी ऑटोनोमस वाहन विकसित करके भारत न केवल अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक Defence Market में भी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरेगा, जिससे रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

Production, Delivery या Deployment कब?

BAE Systems का ऑटोनोमस AMPV का प्रारंभिक प्रदर्शन आगामी फरवरी महीने में निर्धारित है। कंपनी का लक्ष्य है कि यह क्षमता जल्द ही अमेरिकी सेना की किसी यूनिट को फीडबैक के लिए प्रदान की जाए। इसके अलावा, AMPV के फुल-रेट प्रोडक्शन कॉन्ट्रैक्ट पर 2023 में हस्ताक्षर हुए थे। AMPV-30 नामक ड्रोन-रोधी क्षमता से लैस AMPV के दो यूनिट इस साल की शुरुआत में एक आर्मी यूनिट को मिले थे, और मार्च में इन्हें नेशनल ट्रेनिंग सेंटर रोटेशन के लिए ले जाने की योजना है। ऑटोनोमस AMPV के बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन या डिप्लॉयमेंट के लिए अभी कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, क्योंकि यह अभी विकास और परीक्षण के शुरुआती चरणों में है।

आगे क्या होगा?

BAE Systems का अगला कदम ऑटोनोमस AMPV का फरवरी में प्रारंभिक प्रदर्शन करना है। कंपनी की योजना इस ऑटोनोमस क्षमता को अमेरिकी सेना की किसी यूनिट को प्रदान करने की है ताकि वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों में सैनिकों से फीडबैक प्राप्त किया जा सके। इस फीडबैक का उपयोग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, BAE Systems AMPV-30 की क्षमता को व्यापक AMPV बेड़े में शामिल करने या ExMEP (External Mission Equipment Package) को मौजूदा AMPV प्रोडक्शन लाइन में एकीकृत करने के लिए सेना के साथ चर्चा जारी रखेगा। “Transforming in Contact” पहल या अन्य प्रायोगिक अवसरों के माध्यम से ऑटोनोमस AMPV को सेना की इकाइयों तक पहुंचाने का भी लक्ष्य है।

निष्कर्ष

BAE Systems द्वारा अपने ऑटोनोमस आर्मर्ड मल्टी-पर्पस व्हीकल (AMPV) का अनावरण रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। Forterra और RENK America जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी में विकसित यह वाहन, युद्ध के मैदान में मानव रहित प्रणालियों की क्षमता को दर्शाता है। हालांकि यह अभी पूर्ण ऑटोनोमी तक नहीं पहुंचा है और सीखने की प्रक्रिया से गुजर रहा है, फरवरी में इसका पहला प्रदर्शन एक बड़ा कदम होगा।

यह प्रणाली सैनिकों की सुरक्षा में सुधार कर सकती है, खासकर खतरनाक रसद और टोही मिशनों के दौरान, जिससे चालक दल को अधिक आराम मिल सके और उन्हें सीधे युद्ध में लॉन्च होने से पहले बेहतर स्थिति में रखा जा सके। यह भारतीय सेना सहित विश्व की सभी सेनाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा है कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए ऑटोनोमस प्रौद्योगिकियों में निवेश करें। यह ‘Make in India’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी इस दिशा में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत की सामरिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. BAE Systems का नया वाहन क्या है?

BAE Systems ने अपने नए ऑटोनोमस आर्मर्ड मल्टी-पर्पस व्हीकल (Autonomous AMPV) का अनावरण किया है, जो एक मानव रहित बख्तरबंद वाहन है जिसे स्वायत्त रूप से संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

2. इसका पहला प्रदर्शन कब होगा?

ऑटोनोमस AMPV का प्रारंभिक प्रदर्शन आगामी फरवरी महीने में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

3. इस परियोजना में BAE Systems के साझेदार कौन हैं?

इस ऑटोनोमस AMPV परियोजना में BAE Systems ने ऑटोनोमी क्षमता के लिए Forterra के साथ और ड्राइव-बाय-वायर तकनीक के लिए RENK America के साथ साझेदारी की है।

4. Autonomous AMPV किस वाहन का स्थान लेगा?

ऑटोनोमस AMPV, अमेरिकी सेना के पुराने और विरासत में मिले M113 Armored Personnel Carriers के बेड़े का उन्नत प्रतिस्थापन है।

5. इस परियोजना पर अब तक कितना निवेश हुआ है?

BAE Systems, Forterra और RENK America ने मिलकर इस ऑटोनोमस AMPV परियोजना में अब तक लगभग $8 मिलियन का कुल निवेश किया है।

6. ड्राइव-बाय-वायर तकनीक क्या है?

ड्राइव-बाय-वायर एक इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणाली है जो वाहन के भौतिक या यांत्रिक नियंत्रणों को इलेक्ट्रॉनिक संकेतों में बदल देती है, जिससे वाहन को दूर से या स्वायत्त रूप से नियंत्रित करना संभव हो जाता है।

7. ऑटोनॉमस क्षमता के क्या फायदे हैं?

ऑटोनोमस क्षमता से सैनिकों को खतरनाक क्षेत्रों में तैनाती के जोखिम को कम करने, लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक दल को आराम देने और रसद आपूर्ति जैसे कार्यों के लिए सैनिकों को अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फिर से आवंटित करने जैसे फायदे मिल सकते हैं।

8. AMPV-30 क्या है?

AMPV-30 AMPV का एक संस्करण है जो ड्रोन खतरों का मुकाबला करने में सक्षम एक रिमोट टर्रेट हथियार प्रणाली से लैस है, जिसे तेजी से विकसित किया गया था।

9. AMPV-30 कब और कहाँ परखा जाएगा?

अमेरिकी सेना की एक यूनिट को इस वर्ष की शुरुआत में दो AMPV-30 प्राप्त हुए थे, और मार्च में उन्हें नेशनल ट्रेनिंग सेंटर रोटेशन के लिए ले जाने की योजना है।

10. सेना को ऑटोनॉमस AMPV क्यों दिया जाएगा?

BAE Systems का उद्देश्य ऑटोनोमस AMPV को एक आर्मी यूनिट को फीडबैक के लिए प्रदान करना है ताकि सैनिक इसकी क्षमताओं का उपयोग करें और उन पहलुओं की पहचान करें जिन्हें आगे विकसित किया जा सके।

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