न्यूजीलैंड ग्राउंड फोर्सेज की दमदार Drill! बड़ी Armies के साथ मिलकर काम करने की तैयारी।

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न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ी रक्षा साझेदारी: “हिल 60” अभ्यास और “प्लान ANZAC” का महत्व

न्यूजीलैंड सेना ने हाल ही में अपने सबसे बड़े सैन्य अभ्यास “हिल 60” का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के साथ बढ़ती रक्षा साझेदारी को मजबूत किया गया। इस 16 दिवसीय लाइव-फायर Drill में Kiwi सैनिकों ने NZLAV 8×8 Armored Vehicles और 105 mm Artillery का उपयोग करते हुए अपनी Operational Capability का प्रदर्शन किया। यह अभ्यास अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले बहुराष्ट्रीय Exercise Talisman Sabre 2027 के लिए एक महत्वपूर्ण तैयारी है। Indo-Pacific क्षेत्र में बढ़ते भू-रणनीतिक महत्व के बीच, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह सैन्य सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, जिसका अवलोकन भारत भी कर रहा है। यह साझेदारी दोनों देशों की सेनाओं को अधिक Interoperable और प्रभावी बनाने पर केंद्रित है।

क्या है पूरा मामला?

27 अगस्त को न्यूजीलैंड के Waiouru में “हिल 60” नामक एक बड़े सैन्य अभ्यास का आयोजन किया गया। प्रथम विश्व युद्ध के Gallipoli Campaign के अंतिम युद्ध के नाम पर आधारित इस 16 दिवसीय Training Event में, Kiwi सैनिकों ने NZLAV 8×8 Armored Vehicles में घाटी पार करते हुए दुश्मन की Trenches पर हमला किया, जिसमें 105 mm Artillery Rounds का प्रयोग किया गया। यह न्यूजीलैंड सेना के लिए 2026 का सबसे बड़ा अभ्यास था। इसका मुख्य उद्देश्य अगले वर्ष ऑस्ट्रेलिया में होने वाले बहुराष्ट्रीय Exercise Talisman Sabre के लिए सेना की तैयारियों का आकलन करना था, ताकि न्यूजीलैंड सेना अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ गहरा तालमेल बिठा सके।

न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलियाई सैन्य सहयोग: प्लान ANZAC

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रक्षा महत्वाकांक्षा “प्लान ANZAC” में परिलक्षित होती है, जो दोनों Australasian सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय समझौता है। इस प्लान को 10 जुलाई को एक Updated Agreement पर हस्ताक्षर करके नवीनीकृत किया गया था, जिस पर दोनों देशों के सेना प्रमुखों ने हस्ताक्षर किए। 100 वर्षों से अधिक के साझा अनुभव और सेवा पर आधारित, “प्लान ANZAC” दोनों राष्ट्रों को अधिक प्रभावी ढंग से एक साथ प्रशिक्षण, तैनाती और Operations करने में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे उनकी Interoperability और Interchangeability बढ़े।

मोटराइज्ड इन्फैंट्री बैटल ग्रुप (MIBG) की भूमिका

Exercise Hill 60 का महत्वपूर्ण हिस्सा Motorised Infantry Battle Group (MIBG) का परीक्षण था। MIBG में लगभग 1,000 Kiwi सैनिक शामिल हैं, जो न्यूजीलैंड सेना के कुल 4,358 सक्रिय-ड्यूटी कर्मियों का एक बड़ा हिस्सा है। रॉयल न्यूजीलैंड इन्फैंट्री रेजिमेंट के 1st Battalion के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल कालेब बेरी ने बताया कि MIBG सेना का Land Combat Output है। यह किसी Coalition में उनका योगदान है, या क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करने की उनकी क्षमता है। अभ्यास “हिल 60” के दौरान, MIBG ने युद्ध के दबाव में एक cohesive और decisive unit के रूप में प्रदर्शन करने की अपनी क्षमता का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

सैन्य अभ्यास और उपकरणों का तालमेल

“हिल 60” अभ्यास के दौरान, NZLAV और Bushmaster Protected Vehicles ने सैनिकों को युद्धक्षेत्र में ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑस्ट्रेलिया की सेना सैकड़ों की संख्या में Bushmaster का संचालन करती है, और न्यूजीलैंड Defence Force भी जहां संभव हो, ऑस्ट्रेलिया के साथ उपकरण स्तर पर तालमेल बिठा रही है। अप्रैल 2025 में जारी Defence Capability Plan में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि न्यूजीलैंड जहां उचित होगा, ऑस्ट्रेलिया के समान Assets और Equipment खरीदने का प्रयास करेगा, जिससे Interoperability बढ़ेगी। न्यूजीलैंड सेना अपनी L119 105mm Towed Howitzers को बदलने के लिए HIMARS जैसे Long-Range Fires की भावी खरीद पर विचार कर रही है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाते हुए, न्यूजीलैंड सेना ने ऑस्ट्रेलियाई प्रशिक्षण योजनाओं को भी अपनाया है, जैसे ऑस्ट्रेलिया में Mortar Course और First-Person-View Drones पर तीन सप्ताह का Course।

अधिकारियों के विचार

न्यूजीलैंड की सेना प्रमुख, मेजर जनरल रोज किंग ने ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंधों को “वास्तव में महत्वपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि “प्लान ANZAC के हर पुनरावृत्ति के साथ, हम मजबूत और अधिक aligned हो रहे हैं। यह बताता है कि हम कैसे एक साथ काम करते हैं और Interoperable व Interchangeable हो सकते हैं।” उन्होंने Kiwi सैनिकों की क्षमता की भी प्रशंसा की, भले ही वे ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के समकक्षों की तरह समृद्ध रूप से सुसज्जित न हों। सेना के Land Component Commander, ब्रिगेडियर जेसन डायरबर्ग ने अगले साल के Talisman Sabre exercise के लिए MIBG के विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि MIBG का योगदान एक बड़े-पैमाने पर Divisional Construct में “अविश्वसनीय” है और ऑस्ट्रेलियाई सहयोगी इसे अत्यधिक महत्व देते हैं क्योंकि उन्हें भी Staffing और Equipment Shortfalls का सामना करना पड़ता है।

भारतीय रक्षा के लिए प्रासंगिकता

यह सैन्य अभ्यास और न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलियाई रक्षा साझेदारी सीधे तौर पर भारतीय सेना से संबंधित नहीं है, लेकिन Indo-Pacific क्षेत्र में बढ़ते सैन्य सहयोग और Interoperability पर केंद्रित यह प्रगति भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत स्वयं क्षेत्रीय स्थिरता और मजबूत Defence Partnerships का समर्थक है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे मित्र देशों के बीच सैन्य क्षमताओं का तालमेल और संयुक्त अभ्यास, क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करते हैं। भारत इन विकासों का अवलोकन करता है ताकि क्षेत्रीय गतिकी को समझा जा सके और भविष्य में संभावित बहुपक्षीय सहयोग के अवसरों का आकलन किया जा सके।

आगे क्या होगा?

न्यूजीलैंड का Motorised Infantry Battle Group (MIBG) अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले Exercise Talisman Sabre 2027 में अपनी पहली Overseas Deployment करेगा। यह ऑस्ट्रेलिया की Brisbane-based 7th Brigade के साथ MIBG के पूर्ण Battle Group स्तर पर Integration का एक महत्वपूर्ण परीक्षण होगा। 7th Brigade का विशेष ध्यान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और उत्तर में प्रशांत क्षेत्र पर है, जो न्यूजीलैंड के हितों से भी मेल खाता है। इस Deployment से दोनों सेनाओं के बीच Interoperability और तालमेल में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

न्यूजीलैंड सेना का “हिल 60” अभ्यास और ऑस्ट्रेलिया के साथ उसका “प्लान ANZAC” क्षेत्र में बढ़ती रक्षा साझेदारी का एक मजबूत प्रमाण है। यह अभ्यास, जो न्यूजीलैंड का 2026 का सबसे बड़ा सैन्य कार्यक्रम था, आगामी बहुराष्ट्रीय Talisman Sabre 2027 अभ्यास के लिए एक महत्वपूर्ण तैयारी का चरण था। Motorised Infantry Battle Group (MIBG) के प्रदर्शन ने युद्ध के दबाव में उसकी प्रभावी क्षमता को उजागर किया। दोनों देशों के बीच उपकरणों के मानकीकरण और साझा प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर Interoperability को बढ़ा रहा है। यह सहयोग न केवल दोनों राष्ट्रों की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करता है, बल्कि Indo-Pacific क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में भी योगदान देता है। भारत जैसे क्षेत्रीय शक्ति के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह साझा सुरक्षा उद्देश्यों के लिए गठबंधन और सहयोग के महत्व को दर्शाता है।

महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. Exercise Hill 60 क्या था?

Exercise Hill 60 न्यूजीलैंड सेना द्वारा 27 अगस्त को आयोजित किया गया 2026 का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास था। यह Gallipoli Campaign में एक युद्ध के नाम पर आधारित था और इसमें न्यूजीलैंड के सैनिकों ने NZLAV 8×8 Armored Vehicles का उपयोग करके लाइव-फायर Drill किए।

2. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य न्यूजीलैंड सेना की बहुराष्ट्रीय Exercise Talisman Sabre 2027 के लिए तैयारियों का मूल्यांकन करना था, जो अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होगी। यह न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलियाई सेनाओं के बीच तालमेल को बढ़ाना भी था।

3. प्लान ANZAC क्या है?

प्लान ANZAC न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय रक्षा समझौता है, जिसे 10 जुलाई को Updated Agreement पर हस्ताक्षर करके नवीनीकृत किया गया था। यह दोनों देशों को अधिक प्रभावी ढंग से एक साथ प्रशिक्षण, तैनाती और Operations में सहयोग करने में मदद करता है।

4. Motorised Infantry Battle Group (MIBG) में कितने सैनिक हैं?

Motorised Infantry Battle Group (MIBG) में लगभग 1,000 Kiwi सैनिक शामिल हैं, जो न्यूजीलैंड सेना के कुल 4,358 सक्रिय-ड्यूटी कर्मियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

5. MIBG की पहली Overseas Deployment कब होगी?

MIBG की पहली Overseas Deployment अगले साल, यानी 2027 में, ऑस्ट्रेलिया में होने वाले Exercise Talisman Sabre के लिए होगी।

6. न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया किन उपकरणों को साझा कर रहे हैं?

न्यूजीलैंड Defence Force, ऑस्ट्रेलिया के साथ NZLAV और Bushmaster Protected Vehicles जैसे उपकरणों के उपयोग में तालमेल बिठा रही है। न्यूजीलैंड के Defence Capability Plan 2025 के अनुसार, वे Interoperability के लिए ऑस्ट्रेलिया के समान Assets और Equipment खरीदने का लक्ष्य रखते हैं।

7. न्यूजीलैंड सेना भविष्य में कौन से हथियारों की खरीद पर विचार कर रही है?

न्यूजीलैंड सेना अपनी L119 105mm Towed Howitzers को बदलने के लिए HIMARS जैसे Long-Range Fires की खरीद पर विचार कर रही है।

8. न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया सैन्य प्रशिक्षण में कैसे सहयोग कर रहे हैं?

न्यूजीलैंड सेना ने ऑस्ट्रेलियाई प्रशिक्षण योजनाओं को अपनाया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया में Mortar Course और ऑस्ट्रेलियाई Instructors द्वारा FPV Drones पर तीन सप्ताह का Course शामिल है।

9. न्यूजीलैंड के सेना प्रमुख मेजर जनरल रोज किंग ने क्या कहा?

मेजर जनरल रोज किंग ने ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंधों को “बहुत महत्वपूर्ण” बताया और कहा कि “प्लान ANZAC के हर पुनरावृत्ति के साथ, हम मजबूत और अधिक aligned हो रहे हैं।” उन्होंने Kiwi सैनिकों की उच्च क्षमता की भी सराहना की।

10. ब्रिगेडियर जेसन डायरबर्ग ने MIBG के महत्व पर क्या कहा?

ब्रिगेडियर जेसन डायरबर्ग ने कहा कि MIBG का योगदान एक बड़े Divisional Construct के भीतर “अविश्वसनीय” है और ऑस्ट्रेलियाई सहयोगी इसे अत्यधिक महत्व देते हैं क्योंकि उन्हें भी Staffing और Equipment Shortfalls का सामना करना पड़ता है। उन्होंने न्यूजीलैंड के अधिकारियों के ऑस्ट्रेलियाई या अमेरिकी मुख्यालयों में Integrate होने की क्षमता पर भी जोर दिया।

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