Army का ISV खरीद प्लान 12,000 Vehicles तक बढ़ा, GM Defense को 24,000 तक की संभावना!

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भारतीय सेना के लिए महत्व और स्वदेशी विकास पर केंद्रित एक रक्षा समाचार लेख यहाँ प्रस्तुत है:

अमेरिकी सेना के लिए GM डिफेंस ISV की मांग में भारी उछाल, भारत के लिए क्या हैं सीख?

अमेरिकी सेना ने GM डिफेंस द्वारा निर्मित Infantry Squad Vehicle (ISV) की खरीद के अपने लक्ष्य को 12,000 वाहनों तक बढ़ा दिया है। अब कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी का मानना है कि प्लेटफॉर्म की बढ़ती मांग को देखते हुए यह आंकड़ा दोगुना हो सकता है। यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब हल्के, हवा में गिराए जा सकने वाले और बहुमुखी सामरिक वाहनों की आवश्यकता विश्व भर की सेनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। भारतीय संदर्भ में, यह घटनाक्रम हमारे स्वदेशी Defence Manufacturing और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत ऐसे वाहनों के विकास की संभावनाओं को रेखांकित करता है। इन वाहनों की क्षमताएं, जैसे सैनिकों और उपकरणों को तेजी से युद्धक्षेत्र में पहुंचाना, विभिन्न मिशनों में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। यह वैश्विक रक्षा रुझानों के साथ भारतीय सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी समाधानों की तलाश करने की प्रेरणा देता है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी सेना ने GM डिफेंस के Infantry Squad Vehicle (ISV) की खरीद के अपने मूल लक्ष्य को, जो लगभग 650 वाहनों का था, बढ़ाकर 12,000 यूनिट कर दिया है। इस प्लेटफॉर्म की बढ़ती उपयोगिता और सामरिक महत्व को देखते हुए, GM डिफेंस के अध्यक्ष स्टीव डुमोंट ने संकेत दिया है कि यह संख्या भविष्य में दोगुनी भी हो सकती है। यह विस्तार ISV परिवार के सभी वेरिएंट्स को कवर करेगा, जिसमें नौ सीटों वाला troop carrier, पांच सीटों वाला cargo-carrying ISV-Utility, और वर्तमान में प्रतियोगिता में चल रहा ISV-Heavy प्लेटफॉर्म शामिल हैं। अमेरिकी सेना ने अप्रैल 2023 में ISV के लिए full-rate production को मंजूरी दी थी और तब से सैकड़ों हल्के, हवा में गिराए जा सकने वाले (air-droppable) वाहन वितरित किए जा चुके हैं।

कंपनी, सरकार या सेना ने क्या कहा?

GM डिफेंस के अध्यक्ष स्टीव डुमोंट ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें विश्वास है कि ISV एक लंबे समय तक सेना का हिस्सा रहेगा, और भविष्य के रक्षा बजट में इसकी भूमिका को लगातार देखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ISV-Utility जैसे वेरिएंट सैनिकों के लिए कई नए उपयोग सामने लाएंगे, जैसे मिशन किट ले जाना, Counter-UAS, mobile mortar capability, और mobile command and control।

GM डिफेंस के इंटीग्रेटेड व्हीकल्स के बिजनेस डेवलपमेंट के उपाध्यक्ष पीट जॉनसन ने बताया कि मौजूदा अधिग्रहण लक्ष्य मुख्य रूप से मोबाइल ब्रिगेड पर केंद्रित है, लेकिन उनका मानना है कि इसका उपयोग सक्रिय और गार्ड दोनों तरह की ब्रिगेड से आगे भी बढ़ेगा। जॉनसन ने यह भी कहा कि ISV-Utility कुल फ्लीट का अधिकांश हिस्सा होगा, और यह वाहन पहले ही 101वीं एयरबोर्न डिवीजन, 25वीं इन्फैंट्री डिवीजन और वर्जीनिया नेशनल गार्ड को डिलीवर किए जा चुके हैं। सेना ने सितंबर में ISV-Utility से संबंधित इंजीनियरिंग परिवर्तन प्रस्तावों के लिए GM डिफेंस को $697.7 मिलियन का contract modification भी प्रदान किया था।

यह Defence System, Project या Deal क्या है?

Infantry Squad Vehicle (ISV) एक हल्का, त्वरित तैनाती योग्य वाहन है जिसे GM डिफेंस द्वारा अमेरिकी सेना के लिए विकसित किया गया है। यह वाहन शेवरले कोलोराडो मिडसाइज ट्रक के ZR2 वेरिएंट पर आधारित है। इसे सैनिकों और उनके उपकरणों को दुर्गम इलाकों में तेजी से ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, खासकर उन स्थितियों में जहाँ एयर-ड्रॉप क्षमता महत्वपूर्ण है। ISV परिवार में विभिन्न वेरिएंट शामिल हैं:

  • बेस नौ-सीट troop carrier: सैनिकों को ले जाने के लिए।
  • पांच-सीट cargo-carrying ISV-Utility: इसमें अधिक उपकरण, जैसे energy storage units या ड्रोन लॉन्च/रिकवरी सिस्टम ले जाने के लिए डिज़ाइन को बदला गया है।
  • ISV-Heavy (ISV-H): यह एक प्रोटोटाइपिंग प्रयास है जिसमें वर्तमान में GM डिफेंस, फोर्ड (Ford) और बीसी कस्टम्स (BC Customs) जैसी कंपनियां प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। ISV-H को सामरिक संचालन के लिए exportable power और maneuvering के दौरान मिशन कमांड को सक्षम करने के लिए onboard power प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रमुख विशेषताएँ

ISV प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

विशेषताविवरण
आधार वाहनशेवरले कोलोराडो मिडसाइज ट्रक (ZR2 वेरिएंट)
डिज़ाइनहल्का, हवा में गिराने योग्य (Air-droppable)
पहला वेरिएंटनौ-सीट troop carrier
दूसरा वेरिएंटISV-Utility (पांच-सीट, cargo-carrying, ऊर्जा भंडारण, ड्रोन लॉन्च/रिकवरी)
ISV-Utility उपयोगमिशन किट, Counter-UAS, मोबाइल मोर्टार, मोबाइल कमांड एंड कंट्रोल, ‘शूट ऑन द मूव’
ISV-Heavy क्षमतासामरिक संचालन के लिए exportable power, चलते-फिरते मिशन कमांड के लिए onboard power
तैनातीविश्व स्तर पर समुद्र, हवा और भूमि द्वारा तैनाती संभव (ISV-H के लिए)
उत्पादन अनुमोदनअप्रैल 2023 में full-rate production को मंजूरी मिली

भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना को क्या फायदा होगा?

हालांकि यह डील सीधे तौर पर भारतीय सेना से संबंधित नहीं है, लेकिन ISV जैसे हल्के और एयर-ड्रॉपेबल वाहनों का विकास भारतीय सशस्त्र बलों के लिए महत्वपूर्ण सबक प्रदान करता है। भारतीय सेना को भी सीमावर्ती क्षेत्रों और विविध भू-भाग में तेजी से सैनिकों और उपकरणों की तैनाती के लिए ऐसे वाहनों की आवश्यकता है। ISV की बहुमुखी प्रतिभा, जैसे कि सैनिकों के परिवहन, उपकरण ले जाने, ड्रोन संचालन या मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में कार्य करने की क्षमता, भारतीय सेना के लिए भी अत्यधिक उपयोगी हो सकती है। विशेष रूप से, ISV-Heavy की पावर जनरेशन क्षमताएं सुदूर और कठिन इलाकों में परिचालन कर रहे सैनिकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं, जिससे ट्रेलर जनरेटर पर निर्भरता कम होगी। यह भारतीय सेना को अधिक गतिशील और आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकता है।

Make in India और Defence Industry पर असर

GM डिफेंस ISV कार्यक्रम ‘Make in India’ और भारत के Defence Industry के लिए एक प्रेरणा स्रोत हो सकता है। यह दिखाता है कि कैसे वाणिज्यिक वाहनों के प्लेटफॉर्म का उपयोग करके विशेष सैन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। भारत भी टाटा मोटर्स, महिंद्रा डिफेंस जैसी कंपनियों के साथ मिलकर हल्के सामरिक वाहनों के स्वदेशी विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। ISV-Utility और ISV-Heavy वेरिएंट की विशेष क्षमताओं, जैसे ऑनबोर्ड पावर और ड्रोन इंटीग्रेशन, को भारतीय डिजाइन और Manufacturing प्रक्रियाओं में शामिल किया जा सकता है। इससे न केवल हमारी सेना की परिचालन क्षमताएं बढ़ेंगी, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह भारतीय निजी उद्योग के लिए रक्षा क्षेत्र में नवाचार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

Production, Delivery या Deployment कब?

GM डिफेंस के ISV को अप्रैल 2023 में full-rate production के लिए मंजूरी मिली थी, और तब से सैकड़ों वाहनों की डिलीवरी की जा चुकी है। ISV-Utility वेरिएंट की खरीद इस साल शुरू हुई है और इसे पहले ही 101वीं एयरबोर्न डिवीजन, 25वीं इन्फैंट्री डिवीजन और वर्जीनिया नेशनल गार्ड तक पहुंचाया जा चुका है। ISV-Heavy के प्रोटोटाइप के लिए, प्रतियोगियों को मार्च 2027 के अंत तक तीन प्रोटोटाइप वितरित करने के लिए कहा गया है। इन प्रोटोटाइप का यूजर असेसमेंट और अतिरिक्त सेना परीक्षण जून 2027 तक चलेगा। ISV-Heavy के लिए उत्पादन का निर्णय वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में होने की उम्मीद है।

आगे क्या होगा?

ISV कार्यक्रम के तहत, GM डिफेंस और अन्य कंपनियां ISV-Heavy (ISV-H) प्रोटोटाइपिंग के प्रयासों में लगी हुई हैं। मार्च 2027 के अंत तक तीन प्रोटोटाइप सेना को सौंपे जाएंगे, जिसके बाद जून 2027 तक उनका मूल्यांकन और परीक्षण किया जाएगा। अमेरिकी सेना का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में ISV-H के उत्पादन का निर्णय लेना है, जिसकी प्रारंभिक अधिग्रहण उद्देश्य लगभग 600 से अधिक वाहनों का है। यह कार्यक्रम मौजूदा ISV परिवार की क्षमताओं को और बढ़ाएगा और सैनिकों को युद्धक्षेत्र में आवश्यक शक्ति और गतिशीलता प्रदान करेगा। GM डिफेंस के शीर्ष अधिकारी की उम्मीद है कि कुल ISV बेड़े की संख्या मौजूदा 12,000 से दोगुनी हो सकती है।

निष्कर्ष

अमेरिकी सेना द्वारा GM डिफेंस के Infantry Squad Vehicle (ISV) कार्यक्रम का विस्तार हल्के, बहुमुखी और तेजी से तैनात किए जा सकने वाले सामरिक वाहनों की बढ़ती वैश्विक आवश्यकता को दर्शाता है। 12,000 वाहनों के वर्तमान अधिग्रहण लक्ष्य को दोगुना करने की कंपनी की उम्मीद इस प्लेटफॉर्म के सामरिक महत्व और परिचालन मूल्य को उजागर करती है। ISV के विभिन्न वेरिएंट्स – troop carrier, cargo-carrying ISV-Utility, और विकासशील ISV-Heavy – सैनिकों को विविध मिशनों के लिए आवश्यक गतिशीलता, उपकरण वहन क्षमता और यहां तक कि ऑनबोर्ड पावर जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं प्रदान करते हैं। यह विकास भारतीय सेना के लिए भी प्रासंगिक है, जो अपनी सीमाओं पर समान परिचालन चुनौतियों का सामना करती है। ‘Make in India’ पहल के तहत, भारत ऐसे स्वदेशी वाहनों के विकास की दिशा में प्रेरणा ले सकता है, जिससे हमारी सेना की क्षमताएं बढ़ेंगी और रक्षा उद्योग आत्मनिर्भर बनेगा।

महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. Infantry Squad Vehicle (ISV) क्या है?

ISV GM डिफेंस द्वारा अमेरिकी सेना के लिए विकसित एक हल्का, एयर-ड्रॉपेबल सामरिक वाहन है, जिसे सैनिकों और उनके उपकरणों को तेजी से युद्धक्षेत्र में पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

2. अमेरिकी सेना ISV की कितनी यूनिट्स खरीदने की योजना बना रही है?

अमेरिकी सेना ने ISV के अधिग्रहण लक्ष्य को बढ़ाकर 12,000 वाहन कर दिया है, और GM डिफेंस के एक अधिकारी का मानना है कि यह संख्या दोगुनी भी हो सकती है।

3. ISV किस वाहन पर आधारित है?

ISV GM की शेवरले कोलोराडो मिडसाइज ट्रक के ZR2 वेरिएंट पर आधारित है।

4. ISV को full-rate production के लिए कब मंजूरी मिली?

ISV को अप्रैल 2023 में full-rate production के लिए अमेरिकी सेना द्वारा मंजूरी मिली थी।

5. ISV परिवार में कौन से मुख्य वेरिएंट शामिल हैं?

ISV परिवार में नौ सीटों वाला troop carrier, पांच सीटों वाला cargo-carrying ISV-Utility, और विकासशील ISV-Heavy प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

6. ISV-Utility की क्या खास क्षमताएं हैं?

ISV-Utility को ऊर्जा भंडारण इकाइयों को ले जाने या ड्रोन के लॉन्च और रिकवरी को सक्षम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, साथ ही यह मिशन किट, Counter-UAS और मोबाइल मोर्टार जैसी क्षमताओं को भी सपोर्ट करता है।

7. ISV-Heavy (ISV-H) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

ISV-Heavy का उद्देश्य सामरिक संचालन के लिए exportable power और maneuvering के दौरान मिशन कमांड को सक्षम करने के लिए onboard power प्रदान करना है।

8. ISV-Heavy के प्रोटोटाइप की डिलीवरी कब तक अपेक्षित है?

ISV-Heavy के प्रतियोगियों को मार्च 2027 के अंत तक तीन प्रोटोटाइप डिलीवर करने के लिए कहा गया है।

9. ISV-Heavy के उत्पादन निर्णय की समय-सीमा क्या है?

अमेरिकी सेना का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में ISV-Heavy के उत्पादन का निर्णय लेना है।

10. भारतीय रक्षा उद्योग के लिए ISV कार्यक्रम का क्या महत्व है?

ISV कार्यक्रम भारत के लिए हल्के सामरिक वाहनों के स्वदेशी विकास की प्रेरणा दे सकता है, जिससे ‘Make in India’ को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय सेना की परिचालन क्षमताएं बढ़ेंगी।

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